Tulsidal Part 2 (तुलसीदल - द्वितीया)
Tulsidal Part 2
(तुलसीदल - द्वितीया)
Hindi
Brahmarshi Pitamaha Patriji
आध्यात्मिकता सरल है या कठिन? कौन सा मार्ग सही आध्यात्मिक दृष्टि को दर्शाता है? या फिर कैसे समझा जाए की हम आध्यात्मिकता के सही मार्ग पर हैं? ऐसे कई जटिल प्रश्न जिनका उत्तर हम सब ढूढ़ते हैं, परंतु समझने में कई बार रुक जाते हैं या फिर भटक जाते हैं.. इस किताब में ब्रह्मर्षि पितामह पत्री जी ने ऐसे जटिल प्रश्नों का बेहद सरल रूप से उत्तर देकर यह मार्ग प्रकाशमय कर दिया है। अपना सामान्य जीवन जीते हुए हम कैसे परमसत्य को प्राप्त करके स्वयं का उद्धार करें? तथा सबको वह मार्ग प्रशस्त करें? इसका अद्भुत निचोड़ है यह रचना जो अभी तक लाखों लोगों को प्रेरित कर चुकी है। आप भी इसका लाभ अपने आत्मकार्य के लिए अवश्य करें।
















